तुलसी निकेतन पार्क में रखा ट्रांसफार्मर दे रहा है लोगों की मौत को न्योता
February 18, 2020 • Datla Express

गाजियाबाद:-साहिबाबाद बिजली विभाग आए दिन अनियमितताओं को सुधारने के लिए चाहे लाख दावे ही क्यूँ ना करता रहता हो बावजूद इसके भी बिजली विभाग कि रोजाना नई-नई पोल खुल के सामने आ रही हैं और इसका कारण क्षेत्रीय जेई और लाइनमैन है क्यूंकि इन्हें किसी की भी ज़िन्दगी या मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता है, आपको बताते चलें डिवीजन चार राजेंद्र नगर बिजलीघर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजली घर कोयल एनक्लेव क्षेत्र के तुलसी निकेतन इलाके में पार्कों में खुले रखें ट्रांसफार्मरों से लोगों की जान को खतरा बना हुआ है क्योंकि पार्कों में आए दिन लोग मॉर्निंग वॉक करने जाते हैं और रोजाना छोटे-छोटे बच्चे पार्कों में खेलते रहते हैं परंतु बिजली विभाग के अधिकारियों को इसकी तनिक भी परवाह नहीं है आपको बता दें कि एमके रेस्टोरेंट्स के पास बने मंदिर के सामने वाली गली में चर्च के पास बने पार्क में खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है और इसकी तारे पेड़ों में उलझी हुई है और इस ट्रांसफार्मर के चारों तरफ कोई जाल भी नहीं लगा हुआ है जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है वहीं मौजूद आसपास के लोगों का कहना है की बिजली विभाग के जेई निरंजन मौर्या और वही तुलसी निकेतन में रहने वाले लाइनमैन राजीव से इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं परंतु आज तक इस ट्रांसफार्मर के चारों तरफ ना तो जाल लगाया गया है और ना ही इन तारों को जमीन से  उठाया गया है लोगों का यह भी कहना है कि कई बार पार्क में करंट भी उतर चुका है परंतु इन लोगों के कानों पर आज तक जूं तक नहीं रेंगी क्योंकि इन लोगों को इन तारों से कोई मतलब नहीं है यह तो सिर्फ उल्टी-सीधी कमाई के चक्कर में अंधे होकर लोगों को लूटने में लगे हुए हैं और योगी सरकार की छवि को दिन प्रतिदिन धूमिल करते दिखाई दे रहे हैं वैसे तो जेई निरंजन मौर्या तीन-चार सालों से इस ही बिजली घर पर डेरा जमाए बैठे हुए हैं ना तो इस बिजली घर से जेई साहब को आज तक हटाया गया है और ना ही इनका कहीं और पर तबादला किया गया है इसका जीता जागता नमूना यह है कि उच्च अधिकारियों तक भी इनकी बखूबी अच्छी पकड़ दिखाई दे रही है इसी कारण इनको यहां से हटाने में सभी अधिकारी असमर्थ दिखाई देते हैं अब देखने वाली बात यह होगी की ऐसे लोगों के खिलाफ योगी सरकार क्या कार्यवाही कर पाती है,वैसे इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है