थाना साहिबाबाद में तैनात कॉन्स्टेबल इरफान पर महिला ने लगाया बलात्कार का आरोप
November 16, 2019 • Datla Express

जिला गाज़ियाबाद एसएपी को पीड़ित द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र 

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता
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गाजियाबाद: (साहिबाबाद) सोचनीय विषय यह है कि दुनिया को इंसाफ दिलाने वाली पुलिस पर ही अगर बलात्कार का आरोप लगने लगे तो फिर इंसाफ के लिए लोग किस दर जायेंगे। एक ऐसा ही घिनौना मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने जबरन झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर बलात्कार करने का आरोप एक पुलिस वाले पर लगाया है। वैसे तो साहिबाबाद पुलिस हमेशा किसी न किसी मामले को लेकर सुर्ख़ियों में आती ही रहती है परंतु एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक महिला रहीसा पत्नी नईम अहमद, निवासिनी-पसौंडा, साहिबाबाद, ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश ने कॉन्स्टेबल इरफान पर बलात्कार करने का आरोप लगाया है। सिपाही थाना- साहिबाबाद क्षेत्र की करण गेट चौकी पर तैनात बताया जा रहा है। महिला ने इसकी शिकायत जिले के कप्तान से भी की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या इस मामले में पुलिस इंसाफ कर पाती है? या ऐसे ही कुछ वर्दीधारी लोग जनता को अपना शक्तियों का दुरुपयोग कर शिकार बनाते रहेंगे और पुलिस विभाग को बदनाम करते रहेंगे। वैसे तो साहिबाबाद पुलिस के चौकी क्षेत्रों में अवैध रूप से गांजा, दारू, सट्टा, वेश्यावृत्ति व् कई दो नंबर के काम संगठित रूप से चल ही रखे हैं बस कमी रह गयी थी तो खुद कानून के मुहाफिजों द्वारा बलात्कार करने की। बताना लाजिमी है कि ये सारे आपराधिक काम चौकी प्रभारियों व् ठेकेदारों के इशारे पर किए जा रहे हैं। वैसे तो आजकल पुलिस छुटभैये नेताओं के इशारों पर ही थाने व चौकियों में काम कर रही है, जिसका नजारा आसानी से देखा जा सकता है, क्योंकि कुछ नेताओं ने चौकी व थानों को ही अपना अड्डा बना रखा है। वैसे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी कई बार की जा चुकी है, जिससे सरकार की छवि जनता की नजरों में खराब ना हो लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि ये लोग मनमाने तरीके से ही काम करते हैं। ख़ैर, पीड़ित महिला रहीसा ने सिपाही इरफान पर अपना अश्लील फोटो भी सोशल मीडिया में वायरल करने का आरोप लगाया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या पीड़िता रहीसा को इंसाफ मिल पाता है? या ऐसे ही यह इंसाफ के लिए दर-दर भटकती रहेगी, क्योंकि गाजियाबाद पुलिस तो इन दिनों खुद ही भ्रष्टाचार के मामलों में अपने ही थानाध्यक्षों को गिरफ्तार करने में व्यस्त है।