थाना इंदिरापुरम् के पूर्व भ्रष्ट प्रभारी दीपक शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज
November 10, 2019 • Datla Express

सस्पेंटेड भ्रष्ट इंदिरापुरम् थाना प्रभारी दीपक शर्मा

डाटला एक्सप्रेस
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गाजियाबाद: गाजियाबाद की ईमानदार एवं कर्मठ पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है, जहाँ पैसे लेकर पुलिस कुछ भी करने के लिए तैयार है। मिली जानकारी के अनुसार इंदिरापुरम थाने पर तैनात रहे इंस्पेक्टर दीपक शर्मा पर आईपीसी 409 और पीसी एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई गई है. मामला ये है कि 22 /23 अक्टूबर 2019 की रात को जुआ एवं सटोरियों से 14 लाख रूपए लेकर छोड़ने का मामला सामने आया था. इस मामले की जांच एएसपी/सीओ इंदिरापुरम् केशव कुमार कर रहे थे, उन्हीं की जाँच रिपोर्ट पर दीपक शर्मा को लाइन हाजिर किया गया था. साथ में शिप्रा सन सिटी चौकी इंचार्ज संदीप कुमार भी लाइन हाजिर हुए थे. एएसपी ने इंदिरापुरम् थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह ने पूर्व भ्रष्ट इंस्पेक्टर दीपक शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।

मिली जानकरी के मुताबिक लिए गए 14 लाख रूपयों में से चार लाख रुपये भी बरामद किये गये हैं. यह कार्यवाही युवा आईपीएस अधिकारी केशव कुमार ने की है. केशव कुमार इस समय इंदिरापुरम में क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात हैं। बात दें कि गाजियाबाद में पुलिस भ्रष्टाचार को लेकर यह लगातार दूसरी बड़ी वारदात है. जहाँ दो थाना प्रभारी लाखों रूपये का हेर-फेर करने के आरोप में आरोपित हो चुके हैं। अभी इस मामले में भ्रष्टाचार की जांच एएसपी केशव कुमार कर रहे हैं. अभी और भी कई पुलिसकर्मी जांच के घेरे में हैं. शिप्रा सिटी चौकी इंचार्ज पर भी जुआरियों को पकड़ने व उन्हें छोड़ने की एवज में लाखों रुपये वसूलने का आरोप लगा है और एसओजी की टीम की मुख्य भूमिका सामने आई है. अभी आगे और पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है। वैसे तो गाजियाबाद में जब से योगी सरकार आई है तब से चौकी थानों की ठेकेदारी बंद कर दी गई थी परंतु यह सिर्फ कहने के लिए ही बंद की गई थी, आज भी गाजियाबाद में खुलेआम थाने और चौकियों में ठेकेदारी प्रथा चल रही है जैसे पूर्व में सपा सरकार में चल रही थी। जल्द ही ठेकेदारों की लिस्ट तैयार करके कप्तान साहब को सबूत के साथ दी जाएगी कि किस-किस चौकी क्षेत्र में कौन-कौन ठेकेदार है। ठेकेदारों जिन्हें दूसरे शब्दों में वर्दीधारी दलाल कह सकते हैं, के बल पर ही थानों और चौकी क्षेत्रों में दारू, गांजा,सट्टा, वेश्यावृत्ति, अवैध शराब, पैसा लेकर मुकदमें दर्ज ना करना, जेबकतरों को संरक्षण, पीड़ित को ही जेल भेजना इत्यादि ना जाने ऐसे ही दो नंबर के कितने काम और चलवाए जा रहे हैं। जल्द ही अवैध रूप से क्षेत्रों में पुलिस संरक्षण में चलवाए जा रहे आपराधिक कामों को भी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने की तैयारी की जा रही है।