ALL CRIME NEWS INTERNATIONAL NEWS CURRUPTION CORONA POSITIVE NEWS SPORTS
जेई निरंजन मौर्या कम लोड पर रिहायशी इलाके में चलवा रहा है जींस रंगाई की फैक्ट्री
November 10, 2019 • Datla Express

(एनजीटी एवं डीएम के आदेशों की उड़ रही हैं धज्जियां) 

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता
व्हाट्सप- 9540276160 

गाजियाबाद: (साहिबाबाद) एनजीटी के निर्देश पर वैसे तो योगी सरकार ने केमिकल और तेजाब के द्वारा रंगाई करने वाली सभी फैक्ट्रियों को रिहायशी इलाके से बंद करने के लिए आदेश दिए हुए हैं, और साथ ही सभी जिलाधिकारियों व एडीएम ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए जींस रंगाई की फैक्ट्रियों को बंद कराने के लिए कहा है, बावजूद इसके भी कुछ भ्रष्ट लोग थोड़े से पैसों के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां पर डिवीजन चार राजेंद्र नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उप बिजली घर कोयल एनक्लेव क्षेत्र के गली नंबर 8,  बी- ब्लॉक, गगन विहार में कम किलो वाट का मीटर लगाकर संजय सिंह नामक व्यक्ति जींस की अवैध फैक्ट्री चला रहा है। हमारे संवाददाता को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह फैक्ट्री जेई निरंजन मौर्या और क्षेत्रीय लाइनमैन की मिलीभगत से चलाई जा रही है जिससे हर महीने जेई निरंजन मौर्या को मोटी रकम मिलती रहती है, और इसी कारण ये लोग रिहाइशी इलाके में यह जींस की फैक्ट्री चलवा रहे हैं, जबकि इसी फैक्ट्री को कुछ दिन पहले उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद बंद करा दिया गया था और विद्युत कनेक्शन काट दिया गया था, परंतु इन लोगों ने पैसे लेकर दोबारा कनेक्शन जोड़ दिया और इस फैक्ट्री को पुन: चालू करा दिया। कुछ दिन पहले ही एडीएम ने रिहायशी इलाकों में चल रही जींस की फैक्ट्रियों को कनेक्शन ना देने व कनेक्शन काटने के लिए भी कहा था बावजूद इसके भी बिजली विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी के चलते जींस की दर्जनों फैक्ट्रियों को बिजली घर क्षेत्र में चलवा रहे हैं, जिससे हर महीने इनको मोटी आमदनी हो रही है। आसपास के लोगों का कहना है कि हमें केमिकल वाली फैक्ट्रियों से सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है और जो हम समरसेबल का पानी यूज कर रहे हैं वह भी जहरीले केमिकल की वजह से पीने लायक नहीं रह गया है जिससे हमारे शरीर में आए दिन बीमारियां हो रही हैं, परंतु कई बार शिकायत करने के बावजूद भी ना तो आज तक इन लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई और ना ही इन फैक्ट्रियों को बंद कराया गया। अब सोचने वाली बात ये है कि क्या यह लोग नागरिकों की जिंदगी से इसी तरह निर्भय होकर खिलवाड़ करते रहेंगे या इन पर उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई भी होगी. 

फैक्ट्री मालिक संजय सिंह