बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, मनुष्य और पशुओं के जीवन से हो रहा है खिलवाड़: अधिशासी अभियंता राजीव आर्य मौन
September 4, 2019 • Datla Express


(मामला: डिवीजन 04, नवीन पार्क, लाजपत नगर विद्युतघर, साहिबाबाद, ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश)

डाटला एक्सप्रेस संवाददाता
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गाजियाबाद: (04/09/19/बुधवार) साहिबाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लाजपत नगर बिजली घर क्षेत्र के नवीन पार्क में रखे ट्रांसफार्मर जीवन का काल बने हुए हैं, और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं जिसे साफ तौर पर तस्वीर और मौके पर देखा जा सकता है। जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजली विभाग को लापरवाही न बरतने के लिए सख्त निर्देश दिए हुए हैं वहीं बिजली विभाग के कुछ अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। आपको बताते चलें कि साहिबाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नवीन पार्क में रखे 11 हजार की मेन लाइन के ट्रांसफार्मर को हरे-भरे पेड़ों ने चारों तरफ से घेरा हुआ है और तार लटके हुए हैं। इस पार्क में छोटे-छोटे बच्चे हमेशा ही खेलते रहते हैं, और सुबह के टाइम मॉर्निंग वॉक करनेवाले भी आते हैं जिससे लोगों के ऊपर बहुत बड़ा खतरा बना हुआ है, परंतु बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इसके ऊपर कोई भी संज्ञान लेने को तैयार नहीं हैं। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि कई बार हमने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है परंतु अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं और तो और कई बार यहां पर लोगों को करंट भी लग चुका है, परंतु शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वैसे तो बिजली विभाग के छुटभैये अधिकारी छुट्टी के दिन भी अपनी जेबें गर्म करने के लिए हमेशा ही घूमते देखे जा सकते हैं, परंतु काम करने के लिए इनको सोचना पड़ता है। आए दिल ये किसी ना किसी को कोई कमी बताकर उगाही के लिए अपना शिकार बना ही लेते हैं, परंतु अधिकारी इन पर कोई संज्ञान लेने के लिए तैयार नहीं हैं। 

असल में तो ये सरकारी लोग सरकार की छवि को खराब कर रहे हैं लेकिन तोहमत जनता पर डालते हैं। जहाँ बात नहीं बनती वहाँ ये खुद झगड़ा करेंगे और उल्टे उपभोक्ता पर ही सरकारी काम में बाधा डालने का ग्राउंड लेकिन मुकदमा दर्ज करवा देंगे। ताज्जुब तो तब होता है जब पुलिस भी इन्हीं की सुनती है। पिछली सपा-बसपा सरकारों में जो कुछ होता आया है वही ये लोग इस बीजेपी सरकार में भी अपनी मनमानी के साथ चलाना चाह रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन इस पर क्या कोई संज्ञान लेता है या ऐसे ही ये सरकारी अधिकारी शासन को ये पट्टी पढ़ाकर कि अमुख व्यक्ति सरकार की छवि खराब कर रहा था जिससे मैंने झूठा जुर्माना लगाया, मुकदमा करवाया, उसे दंडित किया से काम चलाते रहेंगे और सरकार इनके झाँसे में आती रहेगी।