नगर निगम के जेई संजय गंगवार की मिलीभगत से ठेकेदार संजय त्यागी कर रहा है घटिया सामग्री का प्रयोग
September 29, 2019 • Datla Express

डाटला एक्सप्रेस
रिपोर्ट: पंकज तोमर

गाजियाबाद: साहिबाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भोपुरा हर्ष विहार कॉलोनी, सेकंड, वार्ड नंबर 05 ,गली नंबर 16 (नियर जग्गा डेरी), मंदिर के पीछे वाली गली में कोयल एनक्लेव के गेट के सामने वाली गली में नगर निगम के द्वारा दिए गए नालियां बनाने के ठेके में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।

      आपको बता दें कि नगर निगम गाज़ियाबाद ने नाली और रास्ता बनाने का ठेका संजय त्यागी नामक ठेकेदार को दिया है, जिसमें ठेकेदार घोषित और लम्बे समय से कुंडली मारकर बैठे भ्रष्टाचार के पर्याय जेई संजय गंगवार की मिलीभगत से नाली में पीली ईंट, घटिया सीमेंट और अनुपात से अधिक मात्रा में रेत का प्रयोग कर रहा है। जिससे कुछ ही दिनों में रास्तों का सत्यानाश हो जाएगा, जबकि हमारे संवाददाता ने वहां पर मौजूद लेबर से जब ठेकेदार के बारे में पूछा तो पहले तो उसने ठेकेदार का नाम ही बताने से मना कर दिया, उसके बाद वहां मौजूद एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर ठेकेदार का सही नाम बताया। जब हमारे संवाददाता ने ठेकेदार से बात करने की कोशिश की तो ठेकेदार ने उल्टा उन्हें ही चार बातें आगे की बता दीं और कहने लगा कि मैं अभी साइट पर आकर देख रहा हूँ, परंतु काफी देर बाद भी ठेकेदार नहीं आया और ना ही दोबारा फोन उठाया। 

वहीं आस-पास के लोगों का कहना है कि इस रास्ते व नाली को बनाने में ठेकेदार घटिया सामग्री लगा रहा है जो चित्र में साफ़-साफ़ दिख रही है, परंतु ना जाने सरकार बार-बार ऐसे ही ठेकेदारों को ठेका क्यों दे देती है। हमारे संवाददाता पंकज तोमर के कई बार कहने के बावजूद भी ठेकेदार उनकी बात को अनसुना कर रहा है। श्री तोमर ने इसकी शिकायत पार्षद से भी की परंतु पार्षद चतर सिंह ने भी कुछ जवाब नहीं दिया और कहने लगा कि सही काम ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है। बताते चलें कि यही पार्षद चतर सिंह कुछ दिन पहले एक ठेके में कमीशन न पाने के कारण बौखलाया हुआ था और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत करने की तरकीब हमारे इसी जागरूक और जनप्रिय संवाददाता पंकज तोमर से पूछ रहा था, और बाद में अपना टुकड़ा पाकर मौन हो गया। उस दरम्यान पार्षद चतर सिंह ने सोशल मीडिया पर काफी वेश्या विलाप किया था, दर्जनों तस्वीरें सोशल मीडिया में डाली थीं जो हमारे डाटला एक्सप्रेस के रिकॉर्ड में सुबूत के तौर पर संरक्षित हैं। आज वही पार्षद जनहित को दरकिनार करते हुए इस लालची ठेकेदार और जेई को चरित्र प्रमाण पत्र दे रहा है। 

अब देखने वाली बात यह होगी की इस पर नगर निगम गाज़ियाबाद के उच्च अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं या जनता से वसूले हुए पैसों को यह लोग ऐसे ही खाते रहेंगे और जनता को बेवकूफ बनाते रहेंगे, वैसे बीजेपी सरकार में ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है, परंतु कुछ भ्रष्ट लोगों की वजह से सब काम चल रहा है। फिलहाल इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी की जा रही है।