जेल भेजी जाएंगी छुवा गायें, बंदी करेंगे सेवा
January 22, 2019 • Datla Express

जेल भेजी जाएंगी लखनऊ।। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर घूमने वाली गायों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां बंदी इनकी देखभाल करेंगे। इसके लिए जेल में खाली जमीनों पर बाड़े बनाए जाएंगे और इनका नाम गोसेवा केंद्र रखा जाएगा। फिलहाल लखनऊ कमिश्नर के निर्देश पर मंडल की सभी जेलो की खाली जमीन की तलाश तेज कर दी गई है। कमिश्नर अनिल गर्ग ने मंडल के सभी जेल अधीक्षकों को 31 जी जनवरी तक जेल में मवेशियों को तक जेल में मवेशियों को रखने का इंतजाम करने को कहा ने का इंतजाम करने को कहा है। इसके लिए उन्होंने अधीक्षकों के से जेल में खाली जमीन का ब्योरा भी मांगा है। कमिश्नर के निर्देश के मुताबिक, जेलों में खेतीबाड़ी के के साथ गोसेवा केंद्र भी चलाए श गोयेवा केंट भी चलाण जाएंगे। यहां रखी जाने वाली गायों की देखभाल की जिम्मेदारी बंदियों है । को सौंपी जाएगी। उसके बदले उन्हें मेहनताना भी दिया जाएगाजनप्रतिनिधि करेंगे चारे का इंतजाम : जेल में बनने वाले गो केला सेवा केंद्र में गायों के चारे का में गायों के इंतजाम का जिम्मा जनप्रतिनिधियों या ना कमिश्नर ने सभी सीडीओ को निर्देश दिया है कि वे जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर गो सेवा केंद्र के दसरे इंतजाम करवाएं। इसके अलावा जेल इंतजाम करवाएंकी जमीन पर भी गायों के लिए ट्रॉमा की जमीन पर । चारा उगाया जाएगा। डेयरी की तर्ज पर होगा साल संचालन : जेलों की बनने वाले गोसेवा केंद्र डेयरी के स्वरूप में संख्या होंगे। यहां गायों से मिलने वाले होंगेयहां गायो दूध की बिक्री की भी व्यवस्था की जाएगी। जेल अधीक्षक पीपी पांडे मौतों ने बताया कि आदर्श कारागार में बंदियों की मदद से पहले से ही डेयरी चल रही हैयहां 40 गायों संख्या की सेवा की जा रही है। निदेशालय उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलते 2017 ही आगे की प्रक्रिया शुरू करवाई हादसे टॉमा में भी बहे पशुओं से घायल मरीज : पिछले चार साल में जानवरों से घायल होने वालों 11 की तेजी से बढ़ी हैपिछले महीने ट्रॉमा सेंटर की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां चार साल पहले आने वाले मरीजों में जानवरों की मार से घायलों की संख्या 1.39 फीसदी थी, जो अब 5 फीसदी से ज्यादा हो गई है। छुट्टा जानवरों के कारण बढ़े मौतों के आंकड़े : प्रदेश में छुट्टा जानवरों की वजह से सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही हैयातायात पुलिस निदेशालय के मुताबिक, साल 2017 में प्रदेश में 662 सड़क हादसे छुट्टा जानवरों की वजह से हुए और इनमें 335 लोगों की जान गई। जानवरों से होने वाली मौतों में 2016 के मुकाबले करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।