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एसडीओ अंशुल राठी के इशारे पर प्राइवेट/अनट्रेंड लड़के लगा रहे हैं मीटर: कौन लेगा उनके जान की जिम्मेदारी..?
October 6, 2019 • Datla Express

डाटला एक्सप्रेस
व्हाट्सप: 9540276160 

गाजियाबाद: (06/10/2019/रविवार) साहिबाबाद क्षेत्र डिवीजन चार, राजेंद्र नगर बिजली घर के अंतर्गत आने वाले बिजली घर कोयल इंक्लेव पर तैनात एसडीओ अंशुल राठी व जेई निरंजन मौर्या एक अनट्रेंड और प्राइवेट लाइनमैन को बिना सुरक्षा मानकों का ख्याल रखे खंभों पर चढ़ाकर कर रहे हैं सरकार की नीतियों और सुरक्षा प्रतिमानों से खिलवाड़। पूर्व में ना जाने ऐसे ही खिलवाड़ की वजह से कितने मासूमों की जान भी जा चुकी है। कुछ दिन पहले ही लाजपत नगर बिजली घर पर तैनात एक लाइनमैन के साथ बड़ी दुर्घटना हो गई थी जिसके कारण उसे अपनी जान गंवानी पड़ी थी। 

आपको बता दें कि एसडीओ अंशुल राठी की छत्रछाया में इन जुगाड़ू प्राइवेट और अनाड़ी लाइनमैनों का एक गिरोह काम कर रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार थोड़े से पैसों के लालच में आकर राठी ने एक प्राइवेट राहुल नामक लड़का अपने पास रखा हुआ है जो कि ना तो कोई सरकारी लाइनमैन है और ना ही संविदाकर्मी है और ना ही उसने कोई औपचारिक ट्रेनिंग ली हुई है। राठी की मौनस्वीकृति से जेई निरंजन मौर्या निरंकुश होकर हर तरह की अनियमितताओं को अंजाम दे रहा है। इसी में एक यह प्रकरण भी है जिसमें कथित लाइनमैन राहुल से ये लोग नया मीटर और खंभों से तार जुड़वाते हैं। उस लड़के राहुल ने अपनी पैशन-प्रो बाइक जिसका नंबर DL-14-SD-0287 है पर  UPPCL भी लिखवाया हुआ है। 

जब हमारे संवाददाता ने राहुल से इस बारे में पूछा कि तुमने अपनी बाइक पर यह सब क्यों लिखवाया हुआ है तो वह कहने लगा कि मैं बिजली घर में काम करता हूं। जब इसके बारे में छानबीन की गयी तो पता चला कि यह एक प्राइवेट लड़का है। जब इसको रंगे हाथ बिजली घर से मीटर ले जाते हुए देखा गया तो इसका पीछा कर इसको रोका गया और उसको बताया गया कि तुम तो बिजली घर में कार्यरत नहीं हो तो वो कहने लगा कि मैं एसडीओ व जेई के कहने पर मीटर व खंबे पर से तार जोड़ता हूँ, आगे उसने बताया कि मैं फिलहाल बिजली घर पर तैनात लाइनमैन अशोक के कहने पर यह 2 मीटर लगाने जा रहा हूँ क्योंकि यह लोग खंभे पर नहीं चढ़ते हैं। इन्होंने मीटर और खंबे का काम करने के लिए मुझे अपने पास रखा हुआ है। मीटर लगाने की एवज में हम लोग कंजूमर से 400 से 500 रूपए लेते हैं, जिनमें से 200 मुझे और बाकी के पैसे एसडीओ और जेई साहब को जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो हमारे समाचार कार्यालय में सबूत के तौर पर संरक्षित है, जिससे किसी सक्षम जाँच एजेंसी के समक्ष माँगने पर प्रस्तुत किया जा सके। 

 जब राहुल को रोककर पूछा गया तो यह अपनी बाइक पर बांधकर एक थैली में दो मीटर ले जा रहा था, उन मीटरों पर कंजूमर की आईडी के साथ-साथ सारा डिटेल लिखा हुआ था। अब सोचने वाली बात यह है कि एसडीओ अंशुल राठी जैसे लोग पैसों के लालच में आकर कैसे एक व्यक्ति की जान को मौत के कुएं में झोंक रहे हैं। ऐसी स्थिति में अगर उसकी जान चली जाये तो क्या राठी और मौर्या उसको मुआवज़ा देंगे? अब इस पर उच्च अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं देनेवाली बात होगी। वैसे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से भी की जा रही है।