अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति का दशम् राष्ट्रीय अधिवेशन "खरगौन महोत्सव
January 30, 2019 • Datla Express

(साहित्य से राष्ट्रीय एकता स्थापित करने का शब्द अनुष्ठान)

रिपोर्ट: डाटला एक्सप्रेस

गाजियाबाद: देश की अग्रणी साहित्यिक और विशुद्ध गैर-राजनैतिक संस्था अखिल भारतीय “संस्कृति समन्वय समिति” जो संविधान-प्रदत्त देश की सभी भाषाओं के उन्नयन के लिए कृत संकल्प है और अभी तक ये अपने तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन कश्मीर, बद्रीनाथ (उत्तराखंड), ग्वालियर,मुरैना भोपाल, हैदराबाद,गुवाहाटी,शिरडी महाराष्ट्र और मसूरी में सफलतापूर्वक आयोजित कर चुकी है। इन राष्ट्रीय अधिवेशनों में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं राजनेता डॉक्टर कर्ण सिंह,दिल्ली के मुख्यमंत्री मंत्री डॉक्टर साहिब सिंह वर्मा, असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई, गोवा की राज्यपाल डॉक्टर मृदुला सिन्हा, त्रिपुरा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी,सुप्रसिद्ध समाज सेवी एवं सुलभ आंदोलन के जनक पद्मभूषण डॉक्टर विन्देश्वर पाठक, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, शंकराचार्य बद्रिकाश्रम,पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संसदीय राजभाषा समिति के अध्यक्ष डॉक्टर सत्य नारायण जटिया और पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पद्मश्री सीपी ठाकुर समेत अनेक प्रबुध्द जनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से अधिवेशनों की महत्ता को और अधिक सार्थक एवं महत्वपूर्ण बनाया है।

समिति आगामी 16-17 फरवरी 2019 को खरगौन, मध्य प्रदेश में अपना दो दिवसीय दशम् राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने जा रही है। इस महती राष्ट्रीय अधिवेशन का सारस्वत उद्घाटन देश के वरिष्ठ राजनेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक, लेखक पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री तथा वर्तमान में राज्य सभा स्टेंडिंग कमेटी के चेयरमैन संसद सदस्य पद्मश्री डॉक्टर सी. पी.ठाकुर करेंगे। इस महोत्सव के पहले सत्र में राष्ट्रीयता की अवधारणा और सामाजिक समरसता के ज्वलंत विषय पर एक विचार संगोष्ठी आयोजित की जाएगी तथा दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में देश के विभिन्न प्रांतों के रचनाकार प्रतिभाग करेंगे जिसमें- पंडित सुरेश नीरव(गाजियाबाद) डॉक्टर अनिल सुलभ (पटना),डॉक्टर नीरज नैथानी (श्रीनगर/उत्तराखंड) डॉक्टर मधु चतुर्वेदी(गजरौला), डॉक्टर भुवनेश सिंघल(दिल्ली), मधु मिश्रा (गाजियाबाद), राम वरण ओझा( ग्वालियर) पुरुषोत्तम नारायण सिंह(मुंबई),राकेश जुगरान (देहरादून), जयकृष्ण पेन्यूली(कीर्ति नगर) डॉक्टर सतीश वर्धन(पिलखुवा),राजेन्द्र प्रसाद मिश्र(खंडवा), अमरेन्द्र शर्मा (गया), डॉक्टर वीणा मित्तल(गाजियाबाद), प्रकाश प्रलय (कटनी), डॉक्टर मुकुंद भट्ट(चित्तौड़ गढ़), सत्येन वर्मा (इंदौर), गोपाल निर्झर (मंदसौर), जगदीश जोशीला(गौगांव) तथा श्रीकृष्ण पाल सिंह राजपूत (इगरिया, खरगौन) एवं अन्य अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार सहभागिता करेंगे।

महोत्सव में पुरुषोत्तम नारायण सिंह द्वारा दूरदर्शन के लिए फिल्माए देशभक्ति पूर्ण जय इंडिया जय भारतम् तथा वरिष्ठ हिंदी कवि पंडित सुरेश नीरव के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित दूरदर्शन के लिए बनाई गई फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही इस महोत्सव में शामिल रचनाकारों की पुस्तकों पर केन्द्रित एक पुस्तक प्रदर्शनी भी इस अवसर पर लगाई जाएगी तथा रचनाकारों को महत्वपूर्ण अलंकरणों से सम्मानित भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण महोत्सव के संयोजक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विख्यात कवि एवं शिक्षाविद् डॉक्टर शंभुसिंह मनहर हैं तथा इस संस्था के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष छब्बीस से अधिक देशों में हिंदी की ध्वजा फहरानेवाले लब्ध-प्रतिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार पंडित सुरेश नीरव हैं। मध्य प्रदेश के निमाड़ की तपोभूमि में आयोजित होने जा रहे इस साहित्य महोत्सव से देशभर से आए रचनाकारों के विचार मंथन से सांस्कृतिक एकता के सूत्र और मजबूत हों यही इस महोत्सव की मूल आत्मा है।

खरगौन महोत्सव अध्यक्ष पंडित सुरेश नीरव

 

 

खरगौन साहित्यिक महोत्सव 2019 के उद्घाटनकर्ता, यशस्वी विज्ञानवेत्ता एवं राजनीतिविद् माननीय पद्मश्री डॉक्टर सी.पी.ठाकुर का संक्षिप्त जीवन परिचय

(अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति अपने 'विश्व विभूति शिखर सम्मान' से करने जा रही है सम्मानित)

(प्रस्तुति: डाटला एक्सप्रेस/30.1.2019)

बिहार के जिला मुजफ्फरपुर में सन् 1931 में जन्मे डॉक्टर सी.पी.ठाकुर एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं देश के प्रतिष्ठित राजनेता हैं। आपने अपनी चिकित्साकीय शिक्षा-दीक्षा पटना विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज तथा रॉयल कॉलेज अॉफ फिजीशियंस, लंदन तथा रॉयल कॉलेज अॉफ एडिनबरा तथा रॉयल कॉलेज अॉफ ट्रापिकल मेडिसिन एंड हाइजिन लंदन से प्राप्त की। छात्र जीवन में आपकी पहचान हमेशा एक मेधावी छात्र के रूप में रही है तथा आपने अपनी एमबीबीएस की परीक्षा गोल्डमेडल लेकर उत्तीर्ण की है।

आप के शैक्षिक खाते में एमबीबीएस, एमडी, एमआरसीपी तथा एफआरसीपी-जैसी प्रतिष्ठित डिग्रियां दर्ज हैं। आपने कालाजार जैसी घातक बीमारी के निराकरण के लिए जो शोधात्मक चिकित्सकीय समाधान प्रस्तुत किये उसने दुनिया भर में एक सफल वैज्ञानिक के रूप में आपकी छवि बना दी है। आपके इस उल्लेखनीय योगदान के लिए स्पेन के टोलैंडो शहर में विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के तत्वावधान में स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में कालाजार के क्षेत्र में विश्वव्यापी शोध एवं अद्वितीय योगदान के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लाइफ टाइम एचीवमेंट एवार्ड से आपको सम्मानित किया गया।

अपनी साफ-सुथरी छवि के कारण बिहार के पटना संसदीय क्षेत्र से आप 1984 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। आजकल आप राज्यसभा की स्टेंडिंग कमेटी के चेयरमैन हैं । आप केन्द्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री, जल संसाधन मंत्री तथा लघुउद्योग विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर चुके हैं। अनेक बहुचर्चित पुस्तकों के लेखक डॉक्टर सी.पी.ठाकुर को भारत सरकार अपने पद्म अलंकरण पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है। इसके अलावा इंडियन मेडिकल काउंसिल के डाक्टर बी. सी. राय नेशनल एवार्ड तथा इंडियन कॉंउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के प्रतिष्ठित पी.एन.रा अवार्ड से भी आपको सम्मानित किया जा चुका है।

सौम्य व्यक्तित्व के धनी, राजनीति के तपस्वी हस्ताक्षर तथा निष्काम समाज सेवी डॉक्टर सी.पी.ठाकुर को अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति के दशम् राष्ट्रीय अधिवेशन खरगौन महोत्सव में उनके अहर्निश रचनात्मक अवदान को रेखांकित करते हुए अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति संस्था के प्रतिष्ठित विश्व विभूति शिखर सम्मान
से अलंकृत कर गौरवान्वित होने जा रही है।

पद्मश्री डॉक्टर सी.पी.ठाकुर
खरगौन साहित्यिक महोत्सव के उद्घाटनकर्ता

 

 

(संयोजक :खरगौन महोत्सव)

हिंदी काव्य मंचों का यशस्वी नाम, हिंदी की सप्तरंगी ध्वजा को समंदर के पार कई राष्ट्रों में फहरानेवाले व्यक्तित्व आज भी जिसके गीतों, स्वरों में गांव की चहक मौजूद है। ऐसे कवि का एक नाम गढ़ें तो शंभुसिंह मनहर के अलावा दूसरा कोई मुश्किल से ही बनेगा। उनके गीतों में उनके जीवन संघर्ष मुखरित हुए हैं। मनहर की कविताओं में पुस्तकों का अध्ययन कहीं दूर तक तटस्थ होकर स्वयं सीखने की मूद्रा बनाए खड़ा मिलता है। उनके नवगीतों में गंगा-यमुना की लहरें आलोढ़न करती हैं।

कविवय डॉक्टर शंभु सिंह मनहर